लेखपालों का टोटा, अटका बाढ़ के नुकसान का सर्वे
रुड़की। लक्सर में बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे काफी धीमा चल रहा है। सर्वे पटवारियों को करना है, लेकिन यहां पटवारी के 32 में से 15 पद खाली पड़े हैं। सर्वे के अलावा उन्हें विभाग के कई और जरूरी काम भी करने पड़ रहे हैं। सर्वे में देरी का खामियाजा बाढ़ प्रभावित गांवों के किसान भुगत रहे हैं।
11 जुलाई को सोलानी नदी के पानी से लक्सर नगर व देहात में बाढ़ आ गई थी। इससे जान माल का भारी नुकसान हुआ था। सबसे ज्यादा नुकसान गन्ना, धान व चारे की फसलों को पहुंचा है। बाढ़ का पानी उतरते ही तहसील प्रशासन ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया था लेकिन, सवा महीने बाद भी सर्वे पूरा नहीं हो सका है। सर्वे में राजस्व, कृषि, गन्ना व ग्राम विकास विभाग के कर्मचारी लगाए गए हैं, परंतु इसकी प्रमुख जिम्मेदारी हल्के के पटवारी (लेखपाल) की है। लक्सर तहसील में 32 लेखपाल सर्किल हैं। इनमें से 17 में पटवारी हैं, जबकि 15 सर्किल खाली हैं।
