डीएम के सख्त रुख के बाद सड़क पर उतरे सीओ-एसडीएम
अमरोहा
मीट कारोबारी की मनमानी के आगे बेबस पुलिस-प्रशासनिक अफसर फजीहत के बाद हरकत में आए। डीएम के रोक के आदेश के बाद भी शहर में खुली मीट की दुकानों पर डीएम-एसपी ने सख्त रुख अपनाया तो खुद सीओ-एसडीएम सड़क पर उतरे। अब तक इस बनी खामोशी से दूर जांच, हिदायत और कार्रवाई की गई।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी शहर में मीट की दुकानें अवैध रूप से खोली जा रही थीं। लगातार इससे जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की खामोशी के चलते मीट माफिया का हौसला बुलंद दिखा। मांस कारोबारी धड़ल्ले से मीट की बिक्री करते रहे। उधर, पूरे मामले के संज्ञान में आने के बाद डीएम उमेश मिश्र व एसपी सुनीति ने इसे गंभीरता से लिया। लापरवाह अधिकारियों को फटकार लगाने के साथ ही आरोपी मीट विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके तहत सोमवार सुबह सीओ सिटी विजय राना व एसडीएम सदर विवेक यादव ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आरपी शर्मा व सभी चौकी इंचार्जों के साथ शहरभर का दौरा किया। भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में मीट की दुकानों का निरीक्षण किया गया। विक्रेताओं को हिदायत दी गई कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान मीट की दुकानें किसी भी कीमत पर नहीं खोली जाएं। मनमानी बरतने पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
अफसरों की टेबल पर अटकी मीट माफिया की शिकायतों की फाइल
अमरोहा। शहर में मीट माफिया की सक्रियता लगातार उजागर होती रही है। हर बार कार्रवाई से दूर जिम्मेदार पुलिस-प्रशासनिक अफसर इस ओर बस खामोशी ही साधते दिखे। लाइसेंस की आड़ में अवैध कटान किए जाने तक का आरोप लगने के बाद भी मामले में मिली शिकायतों पर जांच व कार्रवाई करने से दूर फाइलों को दबा दिया गया। ऐसे में जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की कार्य प्रणाली भी सवालों में घिरी है।
मीट की दुकानों को अवैध तरीके से खोले जाने की शिकायत लगातार मिल रही थीं। संबंधित अधिकारियों को इस ओर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाई की जद में होंगे। पूर्व की यदि कोई जांच लंबित है, तब उसकी भी निष्पक्ष जांच कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।
