भारत निर्माण में महिलाओं की भूमिका विषय पर हुआ राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
चमोली। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भारत निर्माण में महिलाओं की भूमिका: वैदिक काल से लेकर आजादी के अमृत महोत्सव तक विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। गुरुवार को शुरू हुए इस सेमिनार में शोधार्थियों ने अपने शोध भी प्रस्तुत किए। महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डा. एमएस कंडारी ने किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता फरीदाबाद हरियाणा के प्रो. जोरावर सिंह, महाविद्यालय गोपेश्वर के डा. मनोज नौटियाल, महाविद्यालय नैनीसैंण के डा. प्रवीण शर्मा, जेएनयू दिल्ली के डा. आशुतोष रतूड़ी, सेमिनार संरक्षक डा. कविता पाठक एवं डा. चंद्रावती टम्टा ने कहा स्वयं के निर्माण से ही भारत का निर्माण संभव है। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डा. एमएस कंडारी कहा कि भविष्य में ऐसे ही कार्यक्रमों के आयोजन द्वारा राष्ट्र में महिलाओं की भूमिका और स्पष्ट रूप से तय होगी। इसलिए भविष्य में ऐसे सेमिनार का आयोजन करने पर बल दिया। उद्घाटन समारोह के बाद देश के विभिन्न भागों से आए शोधार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए और विशेष रूप से भारत निर्माण में महिलाओं की भूमिका का वैदिक काल से आधुनिक काल तक के सफर को अपने शोध पत्रों में दिखाया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी, महाविद्यालय के विद्यार्थी तथा बाहर से आए शोधार्थी उपस्थित थे।
