मोतिहारी में जहरीली शराब के लिए पड़ोसी राज्य से आई थी स्पिरिट, मिथाइल अल्कोहल से गई जान
पटना। मोतिहारी में जहरीली शराब बनाने के लिए स्पिरिट पड़ोसी राज्य से लाई गई थी। सीआइडी की प्राथमिक जांच में जहरीली शराब में मिथाइल अल्कोहल पाया गया है, जिसके कारण मौत हुई है। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) के एडीजी जितेंद्र कुमार ने सोमवार को यह जानकारी दी। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार ने भी मोतिहारी में पड़ोसी राज्य से स्पिरिट लाने की बात कही है।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एडीजी ने बताया कि सीआइडी के अंतर्गत मद्य निषेध इकाई के डीआइजी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। एफएसएल की टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनकी जांच की जाएगी। मृतकों का विसरा भी सुरक्षित रखा गया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। एडीजी ने बताया कि अभी तक मोतिहारी में जहरीली शराब से 26 व्यक्तियों के मौत की सूचना है। इनमें सात का पोस्टमार्टम कराया गया है। अन्य 19 लोगों के स्वजनों ने डायरिया की बात कहकर शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। अभी 25 लोगों का इलाज सरकारी व निजी अस्पताल में चल रहा है।
एडीजी जितेंद्र कुमार ने बताया कि मोतिहारी में जहरीली शराब से मौत के मामले में पुलिस ने पांच प्राथमिकी दर्ज की है, जिनपर कार्रवाई करते हुए 25 दोषियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा शराब के अवैध कारोबार से जुड़े 103 अन्य की भी गिरफ्तारी हुई है। इस तरह कुल 128 अपराधियों को पुलिस ने पकड़ा है। इस दौरान 917 लीटर देसी, 1675 लीटर अर्द्धनिर्मित और करीब 10 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। पांच थानाध्यक्षों को भी निलंबित किया गया है। एंटी लिकर टास्क फोर्स के मोतिहारी सदर और अरेराज के प्रभारी के साथ नौ चौकीदार भी निलंबित किए गए हैं।
बिहार में शराबबंदी के बाद शराब पीने से मृत लोगों के आश्रित को चार लाख रुपये देने की बिहार सरकार की घोषणा से कई परिवारों की उम्मीद बढ़ गई है। शराबबंदी के बाद छपरा, सिवान, गोपालगंज व रोहतास में जहरीली शराब से सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। शराब की कड़वाहट एवं इसके जानलेवा प्रभाव ने बिहार के अन्य जिलों की तुलना में सारणवासियों को अधिक रुलाया है। जब-तब जहरीली शराब का कहर सारणवासियों पर बरसता रहा है। मकेर, अमनौर, तरैया, पानापुर, भेल्दी एवं परसा व दरियापुर थाना क्षेत्र में जहरीली शराब ने कई लोगों की जान ले ली है। पांच महीने पहले वर्ष 2022 में 13 से 17 दिसंबर तक जहरीली शराब पीने से मशरक, इसुआपुर, पानापुर एवं मढ़ौरा व तरैया थाना क्षेत्र के 77 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 34 लोगों का सदर अस्पताल एवं आठ लोगों का पीएमसीएच में पोस्टमार्टम कराया गया। इसलिए प्रशासन 42 लोगों की मौत की ही पुष्टि करता है। वहीं, सिवान में जहरीली शराब के सेवन से अलग-अलग प्रखंडों में 2016 से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि जिला प्रशासन इन मौतों को नहीं मानता है। प्रशासन के सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में सिर्फ 10 लोगों की ही मौत शराब के सेवन से हुई है।
