सड़क निर्माण से तबाह हुए काश्तकारों के खेत
बागेश्वर । पगना सत्तेश्वर, हन्योली मोटर मार्ग मैं सड़क निर्माण के दौरान कृषि भूमि और सड़क कटान में काश्तकारों के खेतों में गिरे मलबे का मुआवजा नहीं मिलने से काश्तकारों में रोष है। काश्तकारों द्वारा कई बार ज्ञापन देने के बाद भी अब तक काश्तकारों को मुआवजा नहीं मिला है। जबकि काश्तकारों की उपजाऊ खेतों में ठेकेदार द्वारा डंपिंग जोन के बजाय काश्तकारों के उपजाऊ खेतों में सड़क कटान का मलुवा गिरा दिया था। जिस कारण काश्तकारों की सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि मलवे से पट गई है।जहां पहले वह खेत हरे भरे रहते थे आज वहां खेतों का कोई नामोनिशान नहीं है। काश्तकार प्रताप सिंह मेहता गोपाल सिंह खीम सिंह, नयन सिंह, ग्राम प्रधान पूरन सिंह असवाल,ने बताया कि कई बार ज्ञापन के बाद भी कार्यदाई संस्था और जिला प्रशासन द्वारा काश्तकारों की कोई सुध नहीं ली गई है। काश्तकारों की खाता सेरा सहित अन्य स्थानों में उपजाऊ भूमि पर ठेकेदार द्वारा मलवा फेंककर तबाह कर दिया गया।इसकी शिकायत के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा कोई सुध नहीं ली गई। वही मुआवजे की मांग को लेकर काश्तकारों को केवल आश्वासन ही दिए गए। बताया कि सत्तेश्वर में जबरन ठेकेदार और विभाग द्वारा बिना राजस्व विभाग की सहमति के प्रताप सिंह बहादुर सिंह गोपाल सिंह आदि की दुकान को जबरन बुलडोजर लगाकर तोड़ दिया गया था। जिसका अभी तक उनको मुआवजा नहीं दिया गया है ।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शीघ्र काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की है। जल्द मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
