किसी भी देश का विकास नवाचारों पर निर्भर:प्रो. अवस्थी
श्रीनगर गढ़वाल। एनआईटी उत्तराखंड श्रीनगर में राष्ट्रीय नवाचार दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान के इनोवेशन एंड एंटरप्रेंयोनरशिप डेवलपमेंट सेल (आईईडीसी) की ओर से प्रौद्योगिकी में हालिया नवीन अनुसंधान प्रवृत्तियों पर ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इस मौके पर बतौर मुख्य वक्ता प्रो. चंद्रशेखर, एमेरिटस प्रोफेसर, सेंटर फॉर सेंसर्स, इंस्ट्रुमेंटेशन एंड साइबर-फिजिकल सिस्टम इंजीनियरिंग, आईआईटी दिल्ली ने शोध छात्रों व संकाय सदस्यों को नवीनतम नवाचारों के विषय में जानकारी दी। उन्होंने खोज, आविष्कार और नवाचार के बीच बुनियादी अंतर को स्पष्ट करते हुए राष्ट्र के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में आविष्कार और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एनआईटी के निदेशक प्रो.ललित कुमार अवस्थी ने कहा कि राष्ट्रीय नवाचार दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के उपलक्ष्य में 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का विकास नवाचारों और रचनात्मकता के पहियों पर निर्भर करता है। यही कारण है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के उपयोग के लिए मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया जैसी कई नई पहल शुरू की हैं। इसलिए भारत को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों की पंक्ति में लाने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। उन्होंने व्याख्यान के आयोजन के लिए डा. स्मिता और डा. हरिहरन मुथुसामी के कार्यों की सराहना की।
