पंचायतराज इन इंडिया रिमेम्बरिंग द फारगोटन पुस्तक का विमोचन
देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जितेन्द्र जोशी एवं कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि ने गुरुवार को परिसर में डा. वैभव उनियाल एवं डा. राजेश बहुगुणा की पुस्तक पंचायतराज इन इंडिया रिमेम्बरिंग द फारगोटन का विमोचन किया गया। डा. वैभव उनियाल पंचायतराज विषय को लेकर उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कालेज के डीन एवं विश्वविद्यालय के उपकुलपति डा. राजेश बहुगुणा के मार्गदर्शन में पीएचडी कर चुके हैं।
डा. उनियाल ने बताया कि अपने शोध के दौरान उन्होनें उत्तराखंड के समस्त जिलों के अन्तर्गत पड़ने वाली पंचायतों एवं उनकी कार्यप्रणाली का अध्यन किया। इस पुस्तक में उन्होनें भारत में पंचायतराज की एतिहासिक पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान स्थिति को एवं विभिन्न राज्यों में चल रही पंचायतराज व्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया। सहलेखक डा. राजेश बहुगुणा ने बताया कि पंचायतराज व्यवस्था वर्तमान में चैथे दौर से गुजर रही है। वैदिककाल में यह विद्यमान थी, हिन्दू राजाओं के काल में यह चरम सीमा पर थी। युगलकाल एवं ब्रिटिशकाल में इसका पतन हुआ और वर्तमान में यह व्यवस्था संघर्ष के दौर से गुजर रही है। उन्होनें बताया कि किसी समय में भारतीय न्यायप्रणाली का अभिन्न अंग रही पंचायतराज व्यवस्था आज भले ही अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हो परन्तु अमेरिका जैसे देशों में इसके अहम पहलुओं केा विकसीत कर सफलतम प्रयोग किये जा रहे है।
