केंद्र का महंगाई भत्ता 3 फीसद से अधिक बढ़ाने से इनकार
नई दिल्ली
केंद्र की मोदी सरकार ने महंगाई भत्ता 3 फीसद से अधिक बढ़ाने से इनकार कर दिया है। केंद्र ने कहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत वृद्धि की दर को संशोधित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह पहले से ही मुद्रास्फीति की दर के आधार पर तय की गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में महंगाई भत्ते से संबंधित सवालों का जवाब दिया। इनमें यह सवाल भी शामिल था कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 3 प्रतिशत पर स्थिर क्यों है, जबकि मुद्रास्फीति की दर स्पष्ट रूप से ज्यादा है? क्या सरकार कीमतों के हिसाब से डीएध्डीआर देने पर विचार करेगी?
केंद्र के मुताबिक उसके कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए और डीआर में हाइक का कैलकुलेशन औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के तहत मुद्रास्फीति की दर के आधार पर किया जाता है। पिछली दो तिमाहियों में मुद्रास्फीति की औसत दर लगभग 5 प्रतिशत रही है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में डीए और डीआर बढ़ोतरी के सवालों पर कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए और डीआर की गणना लेबर मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार मुद्रास्फीति की दर के आधार पर की जाती है।
