फिल्मों ने भी दी है महिला सशक्तीकरण की प्रेरणा
लखनऊ ………
8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है. महिलाओं की भूमिका और भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए यह दिन मनाया जाता है. इसके साथ ही यह दिन समाज में महिलाओं के योगदान को ध्यान रखते हुए उन्हें समर्पित किया गया है. आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
बॉलीवुड में भी कई ऐसे फिल्में बनी हैं, जिसके जरिए यह दिखाया गया है कि समाज में पुरुषों के बराबर ही औरतों का भी योगदान है. आज हम आपको बॉलीवुड की ऐसी ही फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जो महिला दिवस पर आपको जरूर देखनी चाहिए. ये सभी फिल्में पूरे समाज के लिए खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन सकती हैं।
1. मदर इंडिया – अगर हम महिला केंद्रित फिल्मों की बात करें तो सबसे पहले मदर इंडिया का नाम जहन में आता है. इस फिल्म में यूं तो सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार जैसे दिग्गज कलाकार थे. लेकिन इस फिल्म में जो छाप नरगिस ने छोड़ी वो भुलाए नहीं भूलती. नरगिस इस फिल्म में लीड रोल में थीं. फिल्म में दिखाया गया है कि नरगिस के पति उन्हें छोड़कर चले जाते हैं. जिसके बाद वह अकेले ही अपने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी उठाती हैं. इस बीच उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन वह फिर भी परिवार को अकेले हर मुसीबत से बचाती हैं।
2. बैंडिट क्वीन – बैंडिट क्वीन काफी चर्चित फिल्म रही है. यह इसलिए भी खास है क्योंकि ये फिल्म फूलन देवी के जीवन पर आधारित है. वो कैसे अपने दोषियों से बदला लेने के लिए डाकू बन जाती है. इस फिल्म के जरिए उनकी पूरी कहानी दिखायी गई है. सत्य घटना पर आधारित फिल्म यह संदेश भी देती है कि अगर महिला कुछ कर गुजरने की ठान ले तो वो किसी भी हद तक जा सकती है. बस उसके हौसले बुलंद होने चाहिए. फिल्म बहुत हिट हुई. इसे 7 फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिले. बता दें कि फूलन देवी का किरदार सीमा बिस्वास ने निभाया था।
3. इंग्लिश-विंग्लिश – श्रीदेवी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपनी फिल्मों के जरिए वो आज भी हमारे बीच हैं. श्रीदेवी की ये फिल्म उनकी दूसरी पारी की शुरुआत थी. ये शुरुआत बेहद शानदार थी. इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक महिला अपने परिवार के लिए खुद को भूल जाती है. लेकिन उसका परिवार इंग्लिश नहीं आने की वजह से उसकी वैल्यू नहीं करता. हालांकि, बाद में श्रीदेवी अंग्रेजी सीखती हैं और अपने आपको साबित करती हैं।
4. मॉम – यह फिल्म भी श्रीदेवी की सुपरहिट फिल्म साबित हुई. इसमें दिखाया गया है कि जब बात बच्चों पर आती है, तो मां कुछ भी कर गुजरती है. फिल्म में सौतेली बेटी से रेप होने पर जब मां को कानून का सहारा नहीं मिलता, तो वह खुद सभी दरिंदों को सजा देती है।
5. क्वीन – फिल्म क्वीन में दिखाया गया है कि कैसे एक लड़की को सिंपल समझकर दूल्हा शादी से एक दिन पहले मना कर देता है, लेकिन इस बात से दुखी होने के बजाय लड़की अकेले ही अपने हनीमून पर चली जाती है और अपनी सारी विश पूरी करती है. इस फिल्म में मुख्य किरदार कंगना रानौत ने निभाया है।
6. नीरजा – सोनम कपूर स्टारर नीरजा की कहानी सत्य घटना पर आधारित है. यह फिल्म फ्लाइट अटेंडेंट नीरजा भनोट पर बनी है. जिन्होंने प्लेन के हाइजैक होने पर लोगों की जान बचाने में अपनी जान कुर्बान कर दी थी. सोनम कपूर को इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला है।
7. पिंक – इस फिल्म में महिला सशक्तिकरण का नारा उठाया गया था. साथ ही शारीरिक संबंध को लेकर सहमति पर खुलकर बात रखी और यह एहसास दिलाया कि लड़की की श्न का मतलब सिर्फ न ही होता हैश्. फिल्म में तापसी पन्नू, अमिताभ बच्चन, अंगद बेदी, कीर्ति कुल्हारी, पीयूष मिश्रा, विजय वर्मा थे।
8. राजी – फिल्म राजी में एक महिला जासूस की कहानी दिखाई गयी है. जो अपने देश को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना ही पाकिस्तान चली जाती है. इस फिल्म में आलिया भट्ट ने मुख्य किरदार निभाया था. आलिया के रोल को काफी पसंद किया गया था. इस फिल्म को कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं।
9. थप्पड़ – साल 2020 में रिलीज हुई तापसी पन्नू की फिल्म श्थप्पड़श् की कहानी घरेलू हिंसा को लेकर है. फिल्म में दिखाया गया है कि पति और परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए कैसे एक महिला खुद को खो देती है. फिल्म में तापसी परिवार के खिलाफ जाकर अपने साथ हुई घरेलू हिंसा को लेकर आवाज उठाती हैं।
10. मर्दानी – रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म मर्दानी में महिला सशक्तिकरण का परफेक्ट उदाहरण है. रानी फिल्म में पुलिस अफसर हैं, जो समाज में घट रही घटनाओं का डटकर मुकाबला करती हैं.वह फिल्म में अपराधी को पकड़ कर उसे सजा दिलाती हैं. हालांकि, एक महिला पुलिस होने की वजह से वह खुद भी कई चुनौतियों से लड़ती हैं।
