श्राद्ध पितृपक्षपक्ष – पितरो को मोक्ष के लिये करे तर्पण 

 कानपुर :
अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश महोत्सव का समापन होने के बाद भाद्रपद पूर्णिमा से पितृपक्ष शुरू हो गए हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक कुल 16 दिनों तक चलेंगे।इस बार पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष 20 सितंबर सोमवार को पितृ पक्ष शुरू हो गए हैं। छह अक्टूबर 2021 दिन बुधवार को इनका समापन होगा।
आचार्य राजेश तिवारी “दिलोलिया” ने बताया कि इस साल 26 सितंबर को श्राद्ध तिथि नहीं है। श्रद्धा भाव से किया हुआ श्राद्ध पितरों को मोक्ष प्रदान करता है। अपनी अपनी तिथि के दिन हमारे पितृों को मृत्युलोक में भेजा जाता है। अगर उस दिन पारिवारिक जन श्रद्धा के साथ तर्पण ब्रह्मभोज गाय, कौवा, कुत्ता के लिए ग्रास निकालता है तो पूर्वज अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। जिसकी तिथि के बारे में पता ना हो उनका श्राद्ध अमावस्या करें या पुरोहितों से मृत्यु की तिथि के अनुसार श्राद्ध की तिथि की जानकारी लें।संभव हो सके तो पिंड की पूजा करें।
तपर्ण की विधिः एक तांबे के लोटे में गंगाजल लेकर उसमें थोड़ा सा दूध व जल डाल दें। काले तिल और जौ डाल दें ।अपने आगे कासे या पीतल का परात रखें हाथ में कुशा पकड़ कर सर्वप्रथम पूरब की ओर का देवताओं का तर्पण करें। उत्तराभिमुख होकर दिव्य मनुष्यों का तर्पण करें दक्षिणाभिमुख होकर अपने पितरों का तर्पण करें। उसके बाद सूर्य को जल अर्पण कर गाय कौवा और कुत्ते के लिए ग्रास निकालें अग्नि को भोग लगाकर ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान करें।

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