भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, तीन बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार सेमीफाइनल में बनाई जगह
टोक्यो।
टोक्यो ओलिंपिक की टर्फ पर भारतीय हॉकी की महिला खिलाडिय़ों ने इतिहास रच दिया है। खेलों के महाकुंभ में अब तक जो नहीं हुआ उन्होंने वो करके दिखाया है। चर्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय महिलाओं ने बड़ा उलटफेर करते हुए तीन बार की चैंपियन रही ऑस्ट्रेलिया को मात दे दी है। भारत ने अपने से कहीं मजबूत आंकी जा रही ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम को 1-0 से हराया। भारत के लिए एक मात्र गोल गुरजीत कौर ने दागा। ये पहली बार था जब भारतीय टीम ओलिंपिक का चर्टर फाइनल खेल रही थी, जिसे जीतते हुए उसने सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया और अब पहली बार होगा जब भारतीय महिला हॉकी टीम ओलिंपिक का सेमीफाइनल खेलती दिखेगी।वहीं महिला चक्का फेंक एथलीट कमलप्रीत कौर अपना फाइनल मुकाबला खेलेंगी और जिसमें वह भारत को पदक दिला सकती है। कमलप्रीत ने महिला डिस्कस थ्रो के चलीफिकेशन में 64 मीटर का थ्रो फेंक कर दुनिया को चौंका दिया है, इसलिए उनसे पदक की ज्यादा उम्मीदें बढ़ गई है। निशानेबाजी में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और संजीव राजपूत एक्शन में होंगे जबकि महिला स्प्रिंटर दुती चंद 200 मीटर हीट चार में सातवें स्थान पर रही और वह सेमीफाइनल के लिए चलीफाई करने से चूक गईं। हॉकी में भारत की महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
