नाबालिग से दुराचार के दोषी को 10 साल की जेल
रुद्रपुर
पॉक्सो न्यायाधीश अश्वनी गौड़ ने नाबालिग को भगा ले जाने और दुराचार करने के दोषी को 10 साल कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने राज्य सरकार को पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में तीन लाख रुपये देने के भी निर्देश दिए हैं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 28 दिसंबर 2020 को थाना जसपुर में एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दी कि 27 दिसंबर 2020 की शाम उसकी 15 वर्षीय बेटी जसपुर बाजार गई थी, जो रात होने तक नहीं लौटी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। छह जनवरी 2021 को पुलिस ने लड़की को मुजफ्फरनगर यूपी के एक गांव से बरामद किया। वहीं उसे भगाकर ले जाने वाले ग्राम नारायणपुर थाना जसपुर निवासी विवेन्दर उर्फ वीरेन्द्र पुत्र सोमपाल को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में लड़की ने बताया कि वीरेंद्र उसको जसपुर से मुरादाबाद और वहां से मुजफ्फरनगर यूपी के एक गांव ले गया था, जहां उसके साथ दुराचार किया। लड़की ने अपना मेडिकल परीक्षण कराने से इनकार कर दिया। आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो न्यायाधीश अश्वनी गौड़ के कोर्ट में मुकदमा चला। गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने वीरेन्द्र को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हज़ार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की धनराशि में से 30 हज़ार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए।
