मजदूरों को भी मिले बाढ़ की अवधि का मुआवजा

रुड़की। लक्सर में हबीबुपर कुड़ी क्षेत्र की जिपं सदस्य रीतू रानी ने बाढ़ के दौरान काम न मिलने से खाली रहे मजदूरों को मनरेगा दिहाड़ी के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने सीएम को पत्र लिखा है। सीएम के आदेश पर आपदा प्रबंधन विभाग ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री धामी को लिखे पत्र में हरिद्वार जिला पंचायत बोर्ड की सदस्य रीतू रानी ने बताया है कि बाढ़ से जिन परिवारों को जान या माल को क्षति हुई है, सिर्फ उन्हें ही मुआवजा मिल रहा है। लेकिन क्षेत्र में 15-20 हजार से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिनके पास आजीविका के लिए अपने खेत या मकान कुछ भी नहीं है। ये लोग दूसरों के खेत, दुकान में मजदूरी करके अपना व अपने परिवार का पेट पालते हैं। बाढ़ के समय दुकानें बंद रही और खेत में भी काम न मिलने से उन पर बाढ़ की ज्यादा मार पड़ी है। उन्होंने मजूदरों को बाढ़ की अवधि का मनरेगा की प्रतिदिन की दिहाड़ी के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने उनके पत्र को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई करने के आदेश आपदा प्रबंधन विभाग को दिए हैं। जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अधिकारी मीरा रावत ने आपदा मोचन निधि के मानकों के अनुसार सभी को मुआवजे का भुगतान करने के निर्देश लक्सर तहसील प्रशासन को दिए हैं।

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