नगर विधायक ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, कार्यवाही की मांग
सहारनपुर
कोविड-19 की महामारी से पूरा देश विशेषकर उत्तर प्रदेश दहशत में है।बेड व ऑक्सीजन के अभाव में लोगों की मृत्यु व गंगा में तैरती लाशों के भयावह मंजर शायद ही कोई भुला सकेगा। लगभग हर व्यापारी परिवार इस बार कोविड की दूसरी लहर से संक्रमित हुआ है।ऐसे में हर शहर, जिले, एवं ग्रामीण क्षेत्र से लगातार शिकायते मिल रही है की जिन की मृत्यु कोरोना से हुई और उनके अस्पताल के डिस्चार्ज प्रमाण पत्र में मौत का कारण कोविड-19 न लिख कर बीमारी लिखा जा रहा है। नगर निगम एवं स्थानीय पंचायत से जारी होने वाले प्रमाण पत्र में भी मौत का कारण कोविड – 19 नहीं दिखाया जा रहा है, ताकि मौत का आंकड़ा कम दिखाया जा सके।जब कि मृतक का अंतिम संस्कार भी कोरोना प्रोटोकोल के अनुरूप हुआ है।नगर सहारनपुर में ही अगर शमशान घाटों और कबरिस्तानों में कोरोना प्रोटोकोल से होने वाले अंतिम संस्कार और नगर निगम के द्वारा जारी कोरोना अंकित होने वाले मृत्यु प्रमाण पत्रों के आँकड़े चैंकाने वाले है।नुमाइश कैम्प शमशान घाट पर अप्रेल माह में कुल 127 जिसमें कोरोना के 15 एवं मई में कुल 277 जिसमें कोरोना के 126, हक़ीक़तनगर शमशान पर अप्रेल में कुल 128 जिसमें कोरोना के25 एवं मई में कुल 238 जिसमें कोरोना के 95 , लालदास का बाड़ा में मई में कुल 99 जिसमें कोरोना के 50, शिवपुरी धाम शारदानगर पर अप्रेल में कुल 219 जिसमें कोरोना 79 एवं मई में कुल237 जिसमें कोरोना के 95 अंतिम संस्कार हुए।इस प्रकार केवल शमशान घाटों में कुल 485 अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकोल से हुए,जब कि नगर निगम के द्वारा केवल मई माह में मात्र 91 कोरोना के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किये गए, जब कि कबरिस्तानों में कोरोना के तदफ़िन होने वालों के आँकड़े और ज़्यादा है।
इसकी वजह से मृतक के परिजनों को बीमा व सरकारी घोषणाओं का लाभ लेने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है,कई कानूनी पहलू भी इस गलत प्रमाण पत्र की वजह से प्रभावित होते हैं।समाजवादी व्यापार सभा लगातार सरकार से हर मृतक व्यापारी के परिवार के लिए 10 लाख मुआवजे की मांग कर रही है।ऐसे में प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण कोविड-19 अंकित न होने की वजह से उनके परिजन कोरोना से मरने वालों को मिलने वाली सुविधा से वंचित रह जायेंगे।
इस अवसर पर ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से माननीय प्रदेश अध्यक्ष जी के साथ समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष हरपाल सिंह वर्मा जी, जिला महासचिव अनुज गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष मुकेश मानकतला , कोषाध्यक्ष हाजी गुलशेर आढती, जिला अध्यक्ष प्रतिनिधि अनुज यादव जी, सुशील गुप्ता जी, गौरव मदान जी राकेश वर्मा जी, नत्थू राम यादव जी शीतल वर्मा जी रविंदर तोमर जी हरीश वर्मा जमील अंसारी आदि मुख्य व्यापारी काफी संख्या में मौजूद रहे।
