पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की चेतावनी..  निकाय, लोकसभा चुनाव से पहले बहाल हो पुरानी पेंशन

देहरादून। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार को लोकसभा और निकाय चुनाव से पहले पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। सरकार को चेतावनी दी कि जल्द पुरानी पेंशन बहाल न होने पर चुनावों में कर्मचारियों के रोष का सामना करना पड़ेगा।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश प्रभारी विक्रम रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं। अब लोकसभा चुनाव तक हर महीने उग्र आंदोलन होंगे। प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि मोर्चा आज उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष का पर्याय बन चुका है। सभी कर्मचारी मोर्चा के साथ खड़े हैं। 2024 तक पुरानी पेंशन बहाली का लक्ष्य रखा गया है।
मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित जोशी ने कहा कि विधायक, सांसदों को पुरानी पेंशन और कर्मचारियों को नई पेंशन देकर दोहरी नीति अपनाई जा रही है। इसे उत्तराखंड का कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेगा। आईटी सेल प्रमुख अवधेश सेमवाल ने कहा मोर्चे की स्थापना से मोर्चे की ओर से लगातार सामाजिक गतिविधियों के रूप में राशन वितरण, आर्थिक सहयोग भी किया गया। लेकिन सरकार के स्तर से पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कुछ नहीं किया जा रहा है। जो कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है।
मोर्चे के देहरादून जिलाध्यक्ष मक्खन लाल शाह ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली में देरी होने पर सरकारों को चुनाव में कर्मचारियों के रोष का सामना करना पड़ेगा। पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर खुशहाल रावत, सुभाष देवलियाल, बबिता रानी, सुखपाल बिष्ट, परमानंद भटियाणी, राजीव नयन उनियाल, अनिल बडोनी, संजय भाष्कर, दीपक जोशी, शम्भू प्रसाद त्रिपाठी, खुशाल सिंगज रावत, सुखपाल सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।

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