मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा
देहरादून
उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को बर्खास्त करने की मांग को लेकर दल के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एपी जुयाल के नेतृत्व में जिलाधिकारी देहरादून कचहरी परिसर देहरादून में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन उप जिलाधिकारी शालिनी नेगी को सौंपा। इस अवसर पर ज्ञापन में कहा गया कि मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्री पद से बर्खास्त करने व उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की जाये और मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चार बार उत्तराखंड की विधानसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित हो चुके हैं। ज्ञापन में कहा गया कि इसी कारण भाजपा द्वारा उनको पहले विधानसभा अध्यक्ष व वर्तमान में वित्त मंत्री के काबीना मंत्री जैसा महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। ज्ञापन में कहा गया कि परंतु उनकी हरकतों व क्रियाकलापों से समय समय पर आम उत्तराखंडियों को शर्मसार होना पड़ा है। शायद भाजपा के कार्यकर्ताओं व शीर्ष नेतृत्व ने भी ऐसा महसूस किया होगा। ज्ञापन में कहा गया कि मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल जब पिछली सरकार में विधानसभा अध्यक्ष थे तो उन्होंने विधानसभा सचिवालय में 72 से अधिक बैकडोर भर्ती के द्वारा अपात्र अभ्यर्थियों की नियुक्तियां की। ज्ञापन में कहा गया कि मीडिया द्वारा पूछे जाने पर उनका उत्तर था कि मैंने अपने अधिकारों का प्रयोग किया। ज्ञापन में कहा गया कि विधानसभा अध्यक्ष के गरिमामय पद पर रहते हुए नियम कानूनों के विपरीत अपने बेटे की नियुक्ति जल निगम में कर दी। ज्ञापन में कहा गया कि यहां भी मीडिया द्वारा पूछे जाने पर उनका जवाब था कि मेरा बेटा उस पद हेतु योग्य था इसलिए मैंने नियुक्ति करवा दी। ज्ञापन में कहा गया कि अंकिता हत्याकांड में जब वीआईपी का नाम आया तो इनके द्वारा वीआईपी को व्यक्ति न बताकर वनंतरा रिसौर्ट के एक कमरे को ही वीआईपी का नाम देकर मीडिया, जांचकर्ताओं व जनता को भ्रमित कर जांच की दिशा को भटकाने का किया। यह मंत्री तो क्या जनप्रतिनिधि होने लायक भी नहीं है, जो पुलिस सुरक्षा कर्मियों व अन्य लोगों के होते हुए खुद कानून हाथ में लेकर खुलेआम सड़कों पर मारपीट करते हों। ज्ञापन में कहा गया कि उनके अतिरिक्त उनके बेटे की अवैध नियुक्ति, अंकिता कांड पर वीआईपी संबंधित उनके बयान, विधानसभा सभा में अवैध भर्तियों के प्रकरण व उनके सर्वप्रथम विधायक बनने से अब तक उनके द्वारा अर्जित चल अचल संपत्तियों की सीबीआई से जांच कराई जाए। ज्ञापन में कहा गया कि इसके साथ ही उनके साथ तैनात सुरक्षाकर्मी व अन्य लोगों के विरुद्ध भी आवश्यक कार्यवाही की जाय। इस अवसर पर अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
