आरटीपीसीआर टेस्ट की फीस बढ़ाने का कांग्रेस ने किया कड़ा विरोध
देहरादून
कोरोना संक्रमण की जांच के लिए होने वाले आरटीपीसीआर टेस्ट की फीस बढ़ाने का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस ने सरकार से फैसला वापस लेने और प्रदेश के हर व्यक्ति खासकर गरीबों को पूरे राज्य में मुफ्त जांच की सुविधा देने की मांग की। मालूम हो कि सरकार ने बीते रोज आरटीपीसीआर जांच का शुल्क बढ़ा दिया है। प्राइवेट लैब में जांच कराने के लिए अब 500 की जगह 700 रुपये देने होंगे। जबकि घर से सैंपल लेने की सुविधा के लिए 900 रुपये फीस तय की गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा ह्दयेश ने कहा कि सरकार को फीस को बढ़ाने के बजाए इसे निशुल्क करना चाहिए था। सरकारी अस्पतालों में लोगों की जांचे कई कई दिन तक नहीं हो पा रही हैं। और अब प्राइवेट में पैसा बढ़ा दिए जाने से गरीब व्यक्ति के लिए संकट और बढ़ जाएगा। सरकार को चाहिए कि प्राइवेट लैब में होने वाले सभी टेस्ट का खर्च भी खुद उठाए। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि आम आदमी पहले ही कोरोना के कारण लागू प्रतिबंधों के कारण संकट झेल रहा है। जांच का रेट बढऩे से आम आदमी पर एक नई मार और पड़ जाएगी। सरकार को सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में जांच को पूरी तरह से मुफ्त करना चाहिए।
तत्काल बढोत्तरी को वापस ले सरकार: हरीश रावत
देहरादून। पूर्व सीएम हरीश रावत ने आरटीपीसीआर टेस्ट का शुल्क बढ़ाने पर कड़ा ऐतराज किया। सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने सीएम तीरथ सिंह रावत से कहा कि इस समय लोग कोरोना और महंगाई की मार से त्रस्त हैं। सरकार ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए इसी वक्त जांच का रेट बढ़ा दिए। इस वक्त शहरी और ग्रामीण सभी क्षेत्रों में लोग कोरोना की वजह से परेशान हैं। जांच का शुल्क बढ़ाने का यह सही वक्त नहीं है। इस बढोत्तरी को सरकार को तत्काल वापस लेना चाहिए।
