बधिरों के लिए शिक्षण और पुनर्वास रणनीतियों पर हुआ सम्मेलन
रुड़की। आईआईटी रुड़की स्थित अनुश्रुति अकादमी ने बधिरों के लिए शिक्षण और पुनर्वास रणनीतियों पर सम्मेलन किया गया। आधुनिक और वैज्ञानिक तर्ज पर बधिरों को पढ़ाने और पुनर्वास के प्रभावी तरीकों पर चर्चा की गई। आयोजन के पहले दिन आईएएस हरियाणा सरकार, मनीराम शर्मा, मिस डेफ वर्ल्ड 2019, विदिशा बलियान, अजातशत्रु पुरस्कार विजेता, विनायक बहादुर, निशानेबाज अभिनव देशवाल का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि निदेशक आईआईटी प्रो. अजीत चतुर्वेदी और चेयरमैन विज्डम ग्लोबल स्कूल यूसी जैन मौजूद रहे। मनीराम शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण और शिक्षित करने के पारंपरिक तरीकों को दूर करना और आधुनिक शिक्षक, शिक्षा और प्रशिक्षण को अपनाना ही आगे का रास्ता है। विदिशा बालियान ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन दिव्यांगों की शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रभाव पैदा करेगा। विनायक बहादुर ने कहा कि शिक्षा और पुनर्वास रणनीतियों को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अभिनव देशवाल ने कहा कि संचार कौशल और संचार के तरीकों में सुधार करके तकनीकों द्वारा आधुनिक और वैज्ञानिक तर्ज पर बधिरों को पढ़ाने और उनका पुनर्वास करने में मदद मिलेगी। निदेशक प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के एक छोटे प्रतिशत के पास देश में शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा है। तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों का प्रतिशत तो और भी खराब है। इस तरह के विभिन्न तरीकों और साधनों के बारे में सोचना अनिवार्य है। जिसके द्वारा भविष्य में शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण की योजना बनाई जा सके। इस दौरान स्तुति नारायण काकर, डॉ. मीरा सुरेश, डॉ. उषा पाठक, पवन कुमार मिश्रा, डॉ. निधि भटनागर, पार्वती , रेमंड डिसूजा, संतोष कुमार, ऋषभ कुमार, अंबुज कुशवाहा, श्वेता तिवारी, डॉ. जेएस सैनी, डॉ. सुनाली विज धवन, डॉ. धवल पी व्यास आदि मौजूद रहे।
